RSI (Relative Strength Index) एक महत्वपूर्ण तकनीकी संकेतक है, जिसका उपयोग ट्रेडर्स विभिन्न स्तरों या सिग्नल लाइनों के साथ करते हैं। कुछ ट्रेडर्स स्तरों को प्राथमिकता देते हैं, जबकि अन्य सिग्नल लाइनों का सहारा लेते हैं। इस पर बहस हो सकती है कि इनमें से कौन सा बेहतर है, लेकिन यह मुख्यतः आपके ट्रेडिंग स्टाइल पर निर्भर करता है।
यहाँ हम एक ऐसा संस्करण पेश कर रहे हैं जो इन दोनों प्रकारों का संयोजन करता है।
संकेत स्तरों का विचार: यह काफी सरल है। जब RSI का मान केंद्रीय मान (RSI 50) से ऊपर होता है, तो केवल ऊपरी सिग्नल लाइन की गणना की जाती है, और निचली सिग्नल लाइन का मान 'इन्हेरिट' किया जाता है। वहीं, जब RSI का मान केंद्रीय मान से नीचे होता है, तो निचली सिग्नल लाइन की गणना की जाती है और ऊपरी सिग्नल लाइन का मान 'इन्हेरिट' किया जाता है। इस तरह, हम स्तरों और सिग्नल लाइनों का एक संयोजन प्राप्त करते हैं बिना RSI के मान को बदले।
यह स्पष्ट है कि इस विधि के अपने फायदे हैं, खासकर उन समस्याओं से बचने में जो केवल सिग्नल लाइनों का उपयोग करते समय उत्पन्न होती हैं। फिर भी, किसी भी विधि का प्रयोग करने से पहले व्यापक परीक्षण करना हमेशा बेहतर होता है।


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